जानिए नोबेल पुरस्कार विजेता को कितने करोड़ रुपये मिलते हैं, और क्यों रखी गई इसकी नींव?
नोबेल पुरस्कार दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक और आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है।
अल्फ्रेड नोबेल ने अपने जीवन में कई खोजें कीं, लेकिन डायनामाइट के आविष्कार से सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हुए।
बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनकी खोज का इस्तेमाल युद्ध और विनाश में भी हो सकता है। इसी सोच ने उन्हें मानवता और शांति के लिए कुछ स्थायी करने की प्रेरणा दी।
साल1895 में उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा कि उनकी कुल संपत्ति का 94% हिस्सा पुरस्कारों के लिए इस्तेमाल किया जाए।
उस समय यह संपत्ति 31 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 250 करोड़ रुपये) के बराबर थी।
उन्होंने तय किया कि इस रकम के ब्याज से हर साल पुरस्कार दिए जाएंगे, मूलधन को कभी नहीं छुआ जाएगा।
आज वही राशि करोड़ों डॉलर की स्थायी निधि बन चुकी है, जिससे हर साल लाखों डॉलर के पुरस्कार दिए जाते हैं।
साल 2025 में प्रत्येक नोबेल पुरस्कार विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 10.38 करोड़ रुपये) की धनराशि प्रदान की जाएगी। बता दें कि संयुक्त विजेताओं में धनराशि बराबर-बराबर बांटी जाएगी।
नोबेल की सोच आज भी दुनिया को याद दिलाती है कि असली सफलता दूसरों के जीवन में बदलाव लाना है।