भारत की नहीं है जलेबी! जानिए इसका इतिहास

भारत में बेहद लोकप्रिय जलेबी की जड़ें भारत नहीं, बल्कि फारस में हैं।

10वीं शताब्दी में फारस (आज का ईरान) में इसका नाम ‘जुलाबिया’ था।

अरबी पाक किताब “किताब-अल-तबीक” में इसका ज़िक्र ‘जलिबिया’ नाम से मिलता है।

भारत पहुंचने के बाद यह देशभर में मिठाई की शान बन गई।

कुछ भारतीय ग्रंथों में इसे ‘कुंडलिका’ या ‘जलवल्लिका’ कहा गया है।

‘जलवल्लिका’ नाम पड़ा क्योंकि यह रस में डूबी, कुंडल जैसी आकृति की मिठाई थी।

गुजरात में फाफड़ा के साथ, मध्य भारत में पोहा के साथ जलेबी खाई जाती है।

जलेबी हर भारतीय त्योहार, शादी और खुशी के मौके की पहचान बन चुकी है।

आज यह सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का स्वाद बन चुकी है।