US military action in Venezuela: रातों-रात पलट गई बाजी? Trump का बड़ा दावा- Maduro arrest, US Army का ‘Secret Operation’ सफल!

क्या आपने कभी सोचा था कि किसी देश के राष्ट्रपति को रातों-रात दूसरे देश की सेना आकर उसके ही घर से उठा ले जाएगी? सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है, लेकिन अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रही तनातनी ने हकीकत में ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। US military action in Venezuela की खबर ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा बम फोड़ा है—बातों वाला नहीं, बल्कि खबरों वाला। उन्होंने पुष्टि कर दी है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक बहुत बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है और वहां के राष्ट्रपति Nicolas Maduro को उनकी पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया है। चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर बीती रात वेनेजुएला में हुआ क्या?
रातों-रात क्या हुआ काराकस में?
शनिवार की रात, जब वेनेजुएला की राजधानी काराकस नींद के आगोश में थी, तब वहां के लोग तेज धमाकों की आवाजों से जाग गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात के करीब 2 बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में कम से कम सात जोरदार धमाके सुने गए।
सिर्फ धमाके ही नहीं, लोगों ने आसमान में लड़ाकू विमानों के बहुत नीचे उड़ने की आवाजें भी सुनीं। दहशत का माहौल ऐसा था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। उस वक्त किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह अमेरिका का ‘सीक्रेट मिशन’ था।
Trump का ‘ट्रुथ सोशल’ पर बड़ा दावा
Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर सीना ठोकते हुए इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और Nicolas Maduro के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने दावा किया कि Nicolas Maduro और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है।
सोचिए, एक संप्रभु देश के नेता को विदेशी सेना द्वारा गिरफ्तार करके ले जाना कितनी बड़ी घटना है! ट्रंप ने बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया। उन्होंने इसे एक “निर्णायक सैन्य अभियान” बताया है।

क्यों हुआ यह हमला? पुरानी दुश्मनी का नया अध्याय
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पिछले कई सालों से ‘तू-तू मैं-मैं’ चल रही थी, जो अब युद्ध जैसे हालात में बदल गई है। इसके पीछे की कहानी थोड़ी पुरानी है:
- ड्रग्स तस्करी का आरोप: अमेरिका का दावा रहा है कि वेनेजुएला की नावें समंदर के रास्ते ड्रग्स की तस्करी करती हैं। ट्रंप प्रशासन सितंबर 2025 से ही वेनेजुएला को धमका रहा था और उनकी नावों पर हमले भी किए गए थे।
- तेल का खेल: दूसरी तरफ, Nicolas Maduro हमेशा यह कहते रहे हैं कि अमेरिका की नजर वेनेजुएला के विशाल तेल और खनिज भंडारों पर है। वे इसे तख्तापलट की कोशिश बताते रहे थे।
- सैन्य घेराबंदी: अमेरिका ने चुपचाप वेनेजुएला की घेराबंदी कर रखी थी। पेंटागन ने अपने सबसे खतरनाक युद्धपोत ‘यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड’ को कैरिबियन सागर में तैनात कर दिया था। साथ ही, हजारों अमेरिकी सैनिक दक्षिण अमेरिका में पहले से मौजूद थे।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें फ्लोरिडा के ‘मार-ए-लागो’ पर टिकी हैं। Trump ने कहा है कि वह वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इस ऑपरेशन की पूरी कुंडली खोलेंगे।
यह घटना दुनिया की राजनीति में भूचाल ला सकती है। एक तरफ अमेरिका इसे अपनी सफलता बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी खड़ा होता है कि क्या किसी देश में घुसकर उसके राष्ट्रपति को उठा लाना सही है? वेनेजुएला के समर्थक इसे संप्रभुता पर हमला मान रहे हैं। Nicolas Maduro ने पहले ही इमरजेंसी घोषित कर दी थी और कहा था कि वे डटकर जवाब देंगे, लेकिन अब जब वे खुद हिरासत में हैं, तो वेनेजुएला का भविष्य क्या होगा, यह देखना बाकी है।

यह US military action in Venezuela इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है, लेकिन इसके परिणाम आने वाले दिनों में और भी गंभीर हो सकते हैं।
🇺🇸🇻🇪‼️ | HISTÓRICO — Estados Unidos captura al narco-dictador, usurpador y terrorista Nicolás Maduro, según confirma el propio Presidente Donald J. Trump. pic.twitter.com/F7ZUsvAf89
— UHN Plus (@UHN_Plus) January 3, 2026
