Semiconductor Stocks: भारत का चिप मिशन तेज—इन 4 शेयरों पर बाजार की नज़र

भारत का सेमीकंडक्टर खेल अब सिर्फ “डिज़ाइन कैपेबिलिटी” पर नहीं टिका है। UBS की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक घरेलू सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री 108 अरब डॉलर के पैमाने तक पहुंच सकती है। दुनिया के लगभग 20% सेमीकंडक्टर इंजीनियर भारत में हैं, और अब फोकस फैब्रिकेशन (Fab) व पैकेजिंग-टेस्टिंग यानी OSAT पर भी आ गया है। सरकार की 76,000 करोड़ रुपये वाली Semicon India/ISM स्कीम, PLI इंसेंटिव और Tata–Micron–Renesas जैसी साझेदारियां इस बदलाव को गति दे रही हैं।
निवेशकों के लिए थीम साफ है: चिप वैल्यू-चेन में जहां-जहां भारतीय कंपनियां एंकर बन रहीं हैं, वहां बहु-वर्षीय कैपेक्स और ऑर्डरबुक की कहानी बन सकती है। आइए चार लिस्टेड खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं, जो अलग-अलग हिस्सों में पोजिशन ले रहे हैं।
Semiconductor Stocks:
- क्या हो रहा है: कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी CG Semi Pvt Ltd के जरिए साणंद (गुजरात) में दो OSAT फैसिलिटीज—G1 और G2—का रोडमैप रखा है। Renesas Electronics और Stars Microelectronics के साथ जॉइंट वेंचर हुआ है, तथा अगले पांच साल में लगभग ₹7,600 करोड़ निवेश का प्लान है।
- मेजर अपडेट: G1 यूनिट 28 अगस्त 2025 को लॉन्च हुई, शुरुआती क्षमता करीब 5 लाख यूनिट प्रतिदिन। G2 के पूरा होने पर कुल क्षमता लगभग 1.45 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक स्केल करने का लक्ष्य है।
- शेयर अपडेट: G1 लॉन्च के बाद स्टॉक अगस्त 2025 में ~₹664 से चढ़कर सितंबर 2025 में ~₹792 तक गया।
- क्या देखें: पैकेज-मिक्स (QFN, BGA आदि), ग्राहक ऑनबोर्डिंग, एक्सपोर्ट रन-रेट और यील्ड रैम्प-अप की गति।
- Kaynes Technology India Ltd
- बैकग्राउंड: मैसूर स्थित Kaynes एक प्रमुख EMS प्लेयर रही है। मार्च 2023 में Kaynes Semicon Pvt Ltd के जरिए OSAT बिज़नेस में एंट्री ली।
- प्रोजेक्ट: साणंद में ~₹3,307 करोड़ की OSAT फैसिलिटी, 13 असेंबली लाइन्स और को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स के लिए R&D लाइन का प्लान। इस प्रोजेक्ट को ISM स्कीम के तहत मंजूरी मिली है।
- शेयर ट्रेंड: 2023 में ~₹1000 से कम का स्टॉक जनवरी 2025 में ~₹7,822 के पीक तक गया। पिछले एक साल में 26%+ रिटर्न के बाद फिलहाल ~₹6,690 के आसपास ट्रेड।
- क्या देखें: फर्स्ट-कस्टमर क्वालिफिकेशन, पैकेजिंग यील्ड, कैपेक्स फेजिंग और सप्लाई-चेन लोकलाइजेशन।
- Jubilant Ingrevia Ltd
- भूमिका: यह सीधे चिप नहीं बनाती, बल्कि फैब्स/OSAT के लिए Ultra High Purity Chemicals सप्लाई करती है—जैसे एसिड्स, सॉल्वेंट्स, स्पेशलिटी केमिकल्स। रिपोर्ट्स के मुताबिक TSMC, Intel, Tata, Micron जैसे नाम इसके क्लाइंट लिस्ट में देखे जाते हैं।
- फाइनेंशियल स्नैप: सेमीकंडक्टर से अभी ~5% राजस्व आता है; P/E ~38 बताया जाता है। स्टॉक ~₹679 पर, पिछले साल ~3.5% अप लेकिन 2025 YTD में ~17.5% डाउन।
- क्या देखें: नए UHP ग्रेड्स का कमर्शियलाइजेशन, लंबा क्वालिफिकेशन साइकिल, और घरेलू फैब/OSAT के लाइव होने पर वॉल्यूम अपसाइड।
- Unimech Aerospace & Manufacturing Ltd
- काम क्या: बेंगलुरु की यह कंपनी वेफर हैंडलिंग, एचिंग चैंबर्स और लिथोग्राफी टूल्स के लिए प्रेसिजन कंपोनेंट्स/सब-असेंबली बनाती है—CNC और माइक्रो-सिस्टम इंजीनियरिंग इसकी ताकत है।
- रेवेन्यू मिक्स: सेमीकंडक्टर अभी ~2% योगदान देता है, पर यह फास्ट-ग्रोइंग वर्टिकल माना जा रहा है।
- शेयर मूव: बीते साल ~25% गिरने के बाद हाल के 5 सेशंस में ~9% उछलकर ~₹1,035 पर।
- क्या देखें: टूल OEMs से मल्टी-ईयर ऑर्डर्स, क्लीनरूम कैपेबिलिटी और इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन की गति।

क्यों बन रहा है बड़ा अवसर?
- पॉलिसी सपोर्ट: PLI और ISM इंसेंटिव्स से कैपेक्स व्यवहार्य बनता है; राज्य सरकारें भी जमीन/इन्फ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दे रही हैं।
- ग्लोबल रिअलाइनमेंट: सप्लाई-चेन “चाइना+1” और “फ्रेंड-शोरिंग” ट्रेंड से भारत को ऑर्डर्स/पार्टनरशिप के अवसर।
- लोकल डिमांड: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो/EV, टेलीकॉम और डेटा सेंटर्स से चिप खपत तेजी से बढ़ रही है।
- एंकर प्रोजेक्ट्स: Tata की प्रस्तावित फैब, Micron की OSAT, और गुजरात/कर्नाटक जैसे क्लस्टर्स का इकोसिस्टम इफेक्ट।
जोखिम किन बातों से?
- टेक नोड/यील्ड: कमर्शियल यील्ड तक पहुंचना समय लेता है; तकनीकी देरी से लागत बढ़ती है।
- साइकलिसिटी: ग्लोबल सेमीकंडक्टर डाउनसाइकिल, प्राइसिंग प्रेशर और इन्वेंटरी स्विंग्स।
- एक्सेक्यूशन: बड़े कैपेक्स में प्रोजेक्ट देरी, स्किल गैप और सप्लाई-चेन बाधाएं।
- फाइनेंशियल्स: वर्किंग कैपिटल और मार्जिन पर शुरुआत में दबाव संभव।
निवेशकों के लिए संकेत
यह थीम लंबी अवधि की है। ऐसे स्टॉक्स में रिटर्न अक्सर प्रोजेक्ट माइलस्टोन, ग्राहक क्वालिफिकेशन और ग्लोबल साइकिल से जुड़ते हैं। अपडेट्स, तिमाही नतीजों और कैपेक्स प्रोग्रेस को नियमित रूप से ट्रैक करें। और हां—कोई भी कदम उठाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें।

डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। यहां उल्लिखित कीमतें/आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। यह निवेश सलाह नहीं है। बाजार में जोखिम है—निवेश से पहले स्वविवेक और प्रमाणित सलाह लें।
Semiconductor Sector 🚀
Key players & triggers:
🔹 CG Power – ₹7,600 Cr chip facility
🔹 Kaynes Tech – 65% topline growth
🔹 Acutaas Chemical – JV for chip chemicals
🔹 Jubilant Ingrevia – 12+ opps in semi segment
🔹 Unimech Aerospace – 35–40% revenue growth FY26
🔹 Stallion… pic.twitter.com/ucxG10lpkh— Investment Zone (@reddy73375) September 7, 2025
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