Munmun Dutta Podcast Revelations: ट्रोलिंग, शादी, करियर और सेट पर रिश्ते – Babita Ji की अनसुनी कहानी

टेलीविजन की दुनिया में अगर कोई किरदार सालों से लोगों के दिलों में बसा हुआ है, तो वह है Babita Ji। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक इंसान है—Munmun Dutta—जिसने करियर, निजी जिंदगी, ट्रोलिंग और आत्मसम्मान से जुड़ी कई लड़ाइयाँ लड़ी हैं। हाल ही में Ranveer Allahbadia के पॉडकास्ट में मुनमुन दत्ता ने खुलकर बात की और वो पहलू साझा किए जो आम तौर पर कैमरे से दूर रहते हैं।
TMKOC से जुड़ाव और पहचान का बोझ
मुनमुन दत्ता ने बताया कि Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah ने उन्हें अपार पहचान दी, लेकिन उसी पहचान ने एक “इमेज बॉक्स” भी बना दिया। लोग उन्हें सिर्फ़ एक किरदार के तौर पर देखते रहे, जबकि एक कलाकार के भीतर अलग-अलग रंग होते हैं। उन्होंने माना कि लंबे समय तक एक ही शो में रहना सुरक्षित लगता है, पर इससे बाहर निकलकर खुद को दोबारा परखना भी उतना ही ज़रूरी है।
Dilip Joshi पर Munmun Dutta ने क्या कहा? (Jethalal के साथ रिश्ता)
पॉडकास्ट के दौरान मुनमुन दत्ता ने Dilip Joshi का ज़िक्र बेहद सम्मान के साथ किया। उन्होंने बताया कि दिलीप जोशी न सिर्फ़ सेट पर अनुशासन रखते हैं, बल्कि जूनियर कलाकारों को सहज महसूस कराने में भी मदद करते हैं।
मुनमुन के अनुसार,
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दिलीप जोशी काम को लेकर बेहद प्रोफेशनल हैं और सीन से पहले पूरी तैयारी रखते हैं।
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कॉमिक टाइमिंग के बावजूद वे सेट पर माहौल हल्का और संतुलित बनाए रखते हैं।
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मुश्किल दिनों में सीनियर कलाकार होने के नाते उनका मार्गदर्शन नए कलाकारों के लिए सहारा बनता है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और ऑफ-स्क्रीन रिश्ता अलग होता है। दर्शक जो देखते हैं, वह किरदारों का जादू है; असल ज़िंदगी में सबका रिश्ता आपसी सम्मान और काम तक सीमित रहता है।

ट्रोलिंग, बॉडी शेमिंग और उम्र का दबाव
पॉडकास्ट में मुनमुन ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर साफ़ शब्दों में कहा कि टिप्पणियाँ कभी-कभी बहुत निजी और कठोर होती हैं। बॉडी शेमिंग, उम्र को लेकर ताने—ये सब सिर्फ़ ऑनलाइन शब्द नहीं, बल्कि मानसिक दबाव बनते हैं। समय के साथ उन्होंने यह सीख लिया कि हर बात का जवाब देना ज़रूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि सीमाएँ तय करना और ज़रूरत पड़ने पर दूरी बनाना, आत्म-संरक्षण का हिस्सा है।
शादी और रिलेशनशिप पर ईमानदार राय
शादी को लेकर सवालों पर मुनमुन ने संतुलित सोच रखी। उन्होंने कहा कि समाज अक्सर एक तय टाइमलाइन थोप देता है, लेकिन हर इंसान की यात्रा अलग होती है। शादी उनके लिए विकल्प है, अनिवार्यता नहीं। सही साथी, सही समय और मानसिक तैयारी—इन तीनों का मिलना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि रिश्तों में आत्मसम्मान सबसे अहम है।
मेंटल हेल्थ और खुद से दोस्ती
मुनमुन ने स्वीकार किया कि सार्वजनिक जीवन में मानसिक थकान होना आम है। उन्होंने थेरेपी, मेडिटेशन और खुद के साथ समय बिताने को अहम बताया। उनका मानना है कि जब आप अपनी भावनाओं को समझते हैं, तभी आप बाहरी शोर से निपट पाते हैं। यह स्वीकार करना कि मदद चाहिए—कमज़ोरी नहीं, समझदारी है।
करियर स्ट्रगल और ‘कम्फर्ट ज़ोन’ से बाहर निकलना
उन्होंने बताया कि शुरुआती करियर में ऑडिशन, रिजेक्शन और अनिश्चितता रही। TMKOC की स्थिरता ने सहारा दिया, लेकिन भीतर यह इच्छा भी रही कि अलग भूमिकाएँ करें। मुनमुन का कहना है कि कलाकार को समय-समय पर खुद को चुनौती देनी चाहिए, चाहे वह छोटे कदम ही क्यों न हों।

सोशल मीडिया: ज़रूरी लेकिन सीमित
मुनमुन ने सोशल मीडिया को दोधारी तलवार कहा—एक तरफ़ यह कनेक्ट बनाता है, दूसरी तरफ़ दबाव भी। उन्होंने फॉलोअर्स को खुश रखने से ज़्यादा अपनी मानसिक शांति को प्राथमिकता देने की बात कही। कंटेंट शेयर करना उनकी पसंद है, मजबूरी नहीं।
फैंस के लिए संदेश
अंत में मुनमुन दत्ता ने युवाओं से कहा कि तुलना से बचें। किसी और की टाइमलाइन आपकी नहीं होती। खुद की रफ्तार, अपनी प्राथमिकताएँ और अपनी खुशी—इन्हें चुनना सीखें। आलोचना आएगी, लेकिन आपका आत्ममूल्य दूसरों की राय से तय नहीं होता।
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निष्कर्ष
रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में मुनमुन दत्ता की बातचीत सिर्फ़ एक सेलेब्रिटी इंटरव्यू नहीं, बल्कि आत्मस्वीकृति और संतुलन का संदेश है। शोहरत के बीच खुद को संभालना, सीमाएँ बनाना और सही समय का इंतज़ार—यही उनकी कहानी का सार है।
Disclaimer
यह लेख पॉडकास्ट और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित कलाकारों के निजी अनुभव हैं। किसी भी तरह की अफवाह या निजी अटकल का उद्देश्य नहीं है।
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