30,000 साल पुरानी आर्ट गैलरी! भारत की 7 गुफाएं जो आपको टाइम ट्रैवल पर ले जाएंगी
यार, कभी सोचा है कि जब हमारे पास फेसबुक या इंस्टाग्राम नहीं था, तो हमारे पूर्वज अपनी ‘स्टोरी’ कहाँ डालते थे? जब कागज और कलम का आविष्कार भी नहीं हुआ था, तब वे अपनी कहानी, अपनी कला, अपने डर और अपनी खुशियाँ कहाँ बयां करते थे? जवाब छिपा है उन अंधेरी, खामोश और रहस्यमयी गुफाओं में, जो आज भी हमारे देश के कोने-कोने में मौजूद हैं।
ये गुफाएं सिर्फ पत्थर की चट्टानें नहीं हैं, भाई! ये तो असली टाइम मशीन हैं। आज मैं आपको भारत की 7 ऐसी ही गुफाओं के सफर पर ले चलूँगा, जो आपको हजारों साल पीछे, एक ऐसी दुनिया में ले जाएंगी जिसके बारे में हमने सिर्फ किताबों में पढ़ा है। तो सीट बेल्ट बांध लीजिए, क्योंकि यह सफर बहुत रोमांचक होने वाला है!
1. भीमबेटका, मध्य प्रदेश: भारत की पहली ‘आर्ट गैलरी’
सबसे पहले चलते हैं उस जगह, जहां भारत के पहले ‘आर्टिस्ट’ रहते थे। मध्य प्रदेश की भीमबेटका गुफाएं कोई 100-200 साल नहीं, बल्कि 30,000 साल पुरानी हैं! सोचकर ही दिमाग घूम जाता है, है न? यहां की दीवारों पर बने चित्र (रॉक पेंटिंग्स) देखकर ऐसा लगता है जैसे आप अपने पूर्वजों की फेसबुक वॉल देख रहे हों।

इन पेंटिंग्स में उन्होंने सब कुछ बनाया है – शिकार करते हुए लोग, झुंड में नाचते हुए इंसान, जंगली भैंसे (बाइसन), हिरण और बाघ। ये चित्र बताते हैं कि उनकी जिंदगी कितनी मुश्किल, लेकिन साथ ही कितनी रोमांचक थी। और सबसे कमाल की बात? ये रंग आज भी वैसे के वैसे ही हैं। यह जगह इतनी खास है कि यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिया है।
2. बराबर गुफाएं, बिहार: जब इंसानों ने चट्टानों में जान डाल दी
अब तक हमने प्रकृति की बनाई गुफा की बात की। अब चलते हैं बिहार, जहां इंसानों ने पहाड़ों को काटकर अपनी इंजीनियरिंग का लोहा मनवाया। बराबर गुफाएं भारत की सबसे पुरानी ‘मैन-मेड’ (रॉक-कट) गुफाएं हैं। इन्हें सम्राट अशोक के समय में, आज से लगभग 2300 साल पहले, चट्टानों को तराशकर बनाया गया था।

इनकी सबसे हैरान करने वाली चीज है इनकी अंदरूनी दीवारों की फिनिशिंग। इतनी चिकनी और चमकदार कि आप आज भी उनमें अपनी शक्ल देख सकते हैं! इसे ‘मौर्यकालीन पॉलिश’ कहते हैं। सोचो, बिना किसी आधुनिक मशीन के उन्होंने यह कैसे किया होगा?
3. जोगीमारा गुफाएं, छत्तीसगढ़: धर्म से परे, आम जिंदगी की कहानी
ज्यादातर पुरानी गुफाएं किसी न किसी धर्म से जुड़ी हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ की जोगीमारा गुफाएं थोड़ी अलग हैं। यहां की दीवारों पर आपको भगवान या पूजा-पाठ नहीं, बल्कि आम जिंदगी के रंग दिखेंगे। नाचते-गाते लोग, जानवर, फूल-पत्तियां… ऐसा लगता है जैसे उस जमाने का कोई ‘पार्टी सीन’ पेंट किया गया हो। यह हमें बताता है कि हमारे पूर्वज सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं करते थे, बल्कि अपनी जिंदगी को एंजॉय करना भी जानते थे।

4. अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र: जहां पत्थर बोलते हैं
अजंता का नाम तो सबने सुना है, लेकिन यहां की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। यह सिर्फ गुफाएं नहीं, बल्कि कला का एक महाकाव्य है। महाराष्ट्र में बनी इन गुफाओं की दीवारों पर महात्मा बुद्ध के जीवन और उनकी कहानियों (जातक कथाओं) को इतने खूबसूरत रंगों और भावों के साथ उकेरा गया है कि वे आज भी जिंदा लगती हैं। यहां की हर पेंटिंग एक कहानी कहती है।

5. कार्ले गुफाएं, महाराष्ट्र: उस जमाने का ‘ग्रैंड प्रेयर हॉल’
लोनावला के पास बनी ये गुफाएं बौद्ध वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना हैं। यहां का ‘चैत्यगृह’ (प्रार्थना हॉल) देखकर आप दंग रह जाएंगे। यह भारत का सबसे बड़ा रॉक-कट प्रार्थना हॉल है। इसके विशाल खंभे और लकड़ी की छत (जो आज भी टिकी हुई है!) उस समय के कारीगरों के हुनर और मेहनत की गवाही देते हैं।

6. एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र: जहां तीन धर्म एक साथ रहते थे

एलोरा तो भाई, अद्भुत है! यह जगह भारत की एकता और सहिष्णुता का सबसे बड़ा सबूत है। यहां आपको एक ही जगह पर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म की गुफाएं मिलेंगी। यह दिखाता है कि सदियों पहले भी हमारे देश में लोग कितने मिल-जुलकर रहते थे।
और यहां का कैलाश मंदिर (गुफा नंबर 16)… उसे देखकर तो शब्द ही खत्म हो जाते हैं। यह कोई ईंट-पत्थर से बना मंदिर नहीं है, बल्कि एक ही विशाल चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर तराशकर बनाया गया है! आज के इंजीनियर भी इसे देखकर हैरान हो जाते हैं।
7. एलीफेंटा की गुफाएं, महाराष्ट्र: शिव का रहस्यमयी घर
मुंबई के पास एक छोटे से द्वीप पर बनी ये गुफाएं भगवान शिव को समर्पित हैं। यहां की सबसे प्रसिद्ध मूर्ति है ‘त्रिमूर्ति’, जिसमें शिव के तीन चेहरे हैं – बनाने वाले, बचाने वाले और खत्म करने वाले। इस मूर्ति को देखकर एक अलग ही तरह की शांति और शक्ति का एहसास होता है।

तो यार, ये थीं भारत की कुछ सबसे पुरानी और शानदार गुफाएं। ये सिर्फ टूरिस्ट स्पॉट नहीं हैं, ये हमारे इतिहास की वो किताबें हैं, जिन्हें पत्थरों पर लिखा गया है। अगली बार जब घूमने का प्लान बनाओ, तो इन जगहों के बारे में जरूर सोचना। यकीन मानो, यहां आकर आपको जो एहसास होगा, वो किसी भी मॉल या मूवी थिएटर में नहीं मिल सकता।
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