जेमिमा का 127*, ऑस्ट्रेलिया निढाल—एक मैच जिसने महिला क्रिकेट का चेहरा बदल दिया; भारत 339 रन चेज़ कर फाइनल में

मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में वह शाम लंबे समय तक याद रखी जाएगी। सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया सामने थी, स्कोरबोर्ड पर 338 का पहाड़, और दांव पर वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट। भारत ने 339/5 बनाकर यह लक्ष्य पांच विकेट से हासिल किया—और यही पल महिला क्रिकेट की कहानी में नया अध्याय लिख गया। अब फाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा, यानी 2025 में एक नया चैंपियन तय है।
“बेबी” से बैटिंग की रीढ़: जेमिमा का 127*
जेमिमा रॉड्रिग्स को कभी ड्रेसिंग रूम में प्यार से ‘बेबी’ कहा जाता था। गुरुवार की रात वही जेमिमा भारत की सबसे मजबूत दीवार बन गईं। 127 नॉट आउट—और वह भी नॉकआउट में 300+ चेज़ के दबाव में—इस पारी की विशेषता केवल रन नहीं थे, बल्कि शांत दिमाग से उठाए गए छोटे-छोटे फैसले थे। शुरुआत में स्ट्राइक रोटेशन, बीच के ओवर्स में गैप ढूंढना और अंत में कंट्रोल्ड अटैक—हर गियर बिल्कुल समय पर बदला। यह न केवल उनके करियर की सबसे चमकदार पारी रही, बल्कि विश्वकप नॉकआउट के इतिहास में भी शीर्ष दर्ज़े की इनिंग्स में शामिल हो गई।
हरमनप्रीत–जेमिमा: 167 की साझेदारी, मैच यहीं पलटा
59/2 पर खेल झुकता दिख रहा था। तभी कप्तान हरमनप्रीत कौर (89) और जेमिमा ने मिलकर 167 रन जोड़ दिए। दोनों ने मिलकर एक सरल-सा फॉर्मूला अपनाया—जोख़िम कम, रफ्तार बरकरार। हल्की स्लो पिच पर उन्होंने बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों को स्क्वेयर-ऑन-द-विकेट खेलते हुए तेज सिंगल-डबल्स लिए और खराब गेंदों को सीमा पार भेजा। यह साझेदारी उस मोड़ पर आई, जहां से मैच हाथ से फिसल सकता था; यहीं से भारत ने कमान वापस पकड़ ली।

ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत थमी
2017 के बाद वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की मशीन जैसी जीत—15 मैचों की लड़ी—यहीं टूट गई। दिलचस्प बात यह कि पिछली बार भी (2017) सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को भारत ने ही रोका था। इस बार भी इतिहास ने खुद को दोहराया, फर्क इतना कि इस बार भारत ने 339 का पहाड़ चढ़कर किया।
ऑस्ट्रेलिया की जीत की लड़ी टूटी
| टीम | जीत का सिलसिला | अवधि |
|---|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 15 | 2022–2025 (समाप्त) |
| ऑस्ट्रेलिया | 15 | 1997–2000 |
| ऑस्ट्रेलिया | 12 | 1978–1982 |
| न्यूजीलैंड | 11 | 1988–1993 |
| इंग्लैंड | 10 | 1993–1997 |
पहला 300+ चेज़ किसी भी ODI वर्ल्ड कप नॉकआउट में
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पुरुष या महिला—ODI वर्ल्ड कप नॉकआउट में पहले कभी 300 से ऊपर का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल नहीं हुआ था। भारत का 339/5 महिला वनडे में चेज़ करते हुए दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बना। और हां, वर्ल्ड कप इतिहास में भारत का यह सबसे बड़ा सफल रन-चेज़ है—200 के ऊपर पहली बार।
ऑस्ट्रेलिया की पारी: तेज शुरुआत, लेकिन अंतिम ओवरों में ब्रेक
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस के बाद बैटिंग चुनी और फीबी लिचफील्ड (119) के साथ एलिस पेरी (77) ने पारी को मजबूत किया। एक समय 350+ का स्कोर संभव लग रहा था, पर बीच के ओवरों में भारत ने रफ्तार रोकी। श्री चरणी और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लेकर अहम ब्रेकथ्रू दिए। आखिरी ओवरों में तीन विकेट टूटे, जिससे ऑस्ट्रेलिया 338 पर सिमट गई—यही 10–12 रन बाद में निर्णायक साबित हुए।
भारत ने चेज़ कैसे बनाया
- पावरप्ले के बाद सतर्कता: शुरुआती झटका लगने पर भी बिखराव नहीं, स्ट्राइक रोटेशन से रन-रेट संभाला।
- मिड ओवर्स की मास्टरक्लास: हरमनप्रीत–जेमिमा ने इन-आउट फील्ड में गैप्स निकाले, बाउंड्री की तलाश से ज़्यादा सिंगल-डबल्स पर भरोसा।
- डेथ ओवर्स में होशियारी: गेंद थोड़ी धीरे आ रही थी, इसलिए जमीन पर शॉट्स और सेकंड रन की कोशिश—रिस्क कंट्रोल में रहा।
रिकॉर्ड्स जो इस मैच में गिरे
- किसी भी ODI वर्ल्ड कप नॉकआउट में पहला 300+ सफल चेज़ (339).
- महिला वनडे में चेज़ करते हुए दूसरा सबसे बड़ा टीम स्कोर—India 339/5 vs AUS, मुंबई 2025.
- वर्ल्ड कप में भारत का सबसे बड़ा सफल चेज़ (पहली बार 200+ टारगेट पार).
- ऑस्ट्रेलिया का 15 मैचों का वर्ल्ड कप जीत सिलसिला खत्म (2022–2025).
- नॉकआउट में शतक बनाने वाली जेमिमा, नैट स्किवर-ब्रंट (148*, 2022 फाइनल) के बाद चुनिंदा सूची में।
- मैच एग्रीगेट 679 रन—महिला वनडे इतिहास के सबसे बड़े कुल योगों में दूसरा (शीर्ष: भारत–ऑस्ट्रेलिया, 781, दिल्ली 2025).
कप्तानी के छोटे फैसले, बड़ा असर
हरमनप्रीत ने स्पिन-सीम के माइक्रो स्पेल बदल-बदल कर कराए, जिससे नई बल्लेबाज़ को लय नहीं मिली। फील्ड में डीप स्क्वेयर और लॉन्ग-ऑन/ऑफ पर पतला एंगल रखते हुए ‘दो रन’ रोकने की रणनीति काम आई—यही स्कोरबोर्ड पर 10–12 की बचत बनी।
अब फाइनल—सामने दक्षिण अफ्रीका
भारत की यह तीसरी फाइनल एंट्री है (2005, 2017 के बाद)। पिछली बार ट्रॉफी हाथ से फिसली थी, इस बार टीम का कॉम्बिनेशन अलग दिख रहा है—टॉप ऑर्डर संतुलित, मिड में अनुभव, और डेथ में बेहतर योजनाएं। दक्षिण अफ्रीका की ताकत नई-नई गेंद से स्विंग और मिडल में स्पिन-स्ट्रैंगल है। भारत को वही टेम्पलेट दोहराना होगा—स्टार्ट सुरक्षित, मिड ओवर्स में गेम पर पकड़, और अंत में समझदारी से एक्सेलेरेशन।
क्यों कहें यह मैच ‘गेम चेंजर’?
- मानसिक बाधा टूटी: 300+ नॉकआउट चेज़ अब “नामुमकिन” नहीं रहा।
- ऑस्ट्रेलिया का प्रभुत्व दरकना: विश्व टूर्नामेंटों में नई पटकथाओं की जगह बनेगी।
- रोल स्पष्ट: जेमिमा का एंकर-फिनिशर रोल और हरमनप्रीत का टेम्पो-सेटर किरदार टीम की पहचान बन सकता है।
मुख्य आंकड़े—झटपट नजर
- Target: 339 | India: 339/5 (Won by 5 wickets)
- Jemimah Rodrigues: 127* | Harmanpreet Kaur: 89
- Phoebe Litchfield: 119 | Ellyse Perry: 77
- India’s highest successful chase in Women’s World Cup history
- First 300+ chase in any ODI World Cup knockout (men or women)

अंतिम शब्द
कभी-कभी एक रात पूरी पीढ़ी का नजरिया बदल देती है। डीवाई पाटिल में यही हुआ—भारत ने सबसे मजबूत टीम के खिलाफ सबसे कठिन हालात में यह साबित किया कि भरोसा, धैर्य और योजनाबद्ध क्रिकेट से कोई लक्ष्य दूर नहीं। अब नजरें फाइनल पर हैं। देश इंतजार में है—क्या जेमिमा, हरमनप्रीत और साथियों की यह नई कहानी ट्रॉफी के साथ पूरी होगी? यही उम्मीद, यही भरोसा।
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