“Guru-gochar-2025: केंद्र-त्रिकोण राजयोग और 3 लकी राशियाँ जिनकी किस्मत पलटेगी”

बृहस्पति का महागोचर 2025: सदियों बाद बन रहा केंद्र त्रिकोण राजयोग, इन 3 राशियों की खुलेगी किस्मत, होगी धन की वर्षा!
वैदिक ज्योतिष की दुनिया में ग्रहों का हर एक कदम हमारे जीवन की दिशा और दशा तय करता है। जब कोई शुभ ग्रह अपनी सबसे शक्तिशाली स्थिति में आता है, तो वह कुछ राशियों के लिए सौभाग्य के दरवाज़े खोल देता है। साल 2025 एक ऐसी ही बड़ी ज्योतिषीय घटना का गवाह बनने जा रहा है, जिसका इंतज़ार ज्योतिषियों और आम लोगों को बेसब्री से रहता है।
देवताओं के गुरु, ज्ञान, धन, और सौभाग्य के कारक ‘बृहस्पति’ लगभग 12 साल बाद अपनी उच्च राशि ‘कर्क’ में प्रवेश करने जा रहे हैं। बृहस्पति का यह गोचर मई 2025 में होगा और यह अपने आप में ही बेहद शुभ है, क्योंकि कर्क राशि में बृहस्पति सबसे ज्यादा बलवान और सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं। लेकिन इस बार बात सिर्फ इतनी ही नहीं है! बृहस्पति का यह गोचर एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली “केंद्र त्रिकोण राजयोग” का निर्माण कर रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को सफलता, पद-प्रतिष्ठा, और अपार धन-संपदा का सूचक माना गया है।
माना जा रहा है कि इस तरह का शक्तिशाली संयोग कई दशकों बाद बन रहा है, जो 3 राशियों के जीवन में एक सुनहरा अध्याय शुरू करने वाला है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो भाग्यशाली राशियाँ, जिनके लिए आने वाला समय किसी वरदान से कम नहीं होगा।
गुरु गोचर और इसकी टाइमलाइन
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वर्ष 2025 में गुरु गोचर मई में मिथुन राशि में प्रवेश कर चुका है।
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उसके बाद यह 18 अक्टूबर 2025 को कर्क राशि में प्रवेश करेगा।
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इस समय वह कर्क में उच्च राशि (Exaltation) की स्थिति प्राप्त कर सकता है, जिससे उसकी सकारात्मक ऊर्जाएँ अधिक जनहित में होंगी।
इस गोचर का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि कर्क में बृहस्पति को उसकी “श्रेष्ठ स्थिति” माना जाता है — यानी कि ग्रह अपनी श्रेष्ठ स्थिति में हो।

⚖️ केंद्र-त्रिकोण राजयोग क्या है?
केंद्र-त्रिकोण राजयोग (Kendra + Trikona Yoga) वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है।
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केंद्र (Kendra): प्रथम, चतुर्थ, सप्तम और दशम भाव
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त्रिकोण (Trikona): प्रथम, पंचम और नवम भाव
जब कोई ग्रह इन भावों में संयोजन बनाता है — यानी केंद्र और त्रिकोण भावों को जोड़ता है — तो यह योग जन्मपत्री में बहुत शुभ माना जाता है।जब इन घरों के स्वामियों का कोई शुभ संबंध बनता है, तो ‘केंद्र त्रिकोण राजयोग’ का निर्माण होता है। यह योग व्यक्ति को राजा के समान सुख, सम्मान और सफलता दिलाता है। बृहस्पति का यह गोचर कुछ राशियों के लिए इसी योग के समान फलदायी साबित होगा।
इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को धन, प्रसिद्धि, सम्मान, करियर सफलता और पारिवारिक सुख प्राप्त होते हैं।
कन्या राशि (Kanya Zodiac)
कन्या राशि वालों, अब मुस्कुराने की बारी आपकी है! देवगुरु बृहस्पति का यह गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है, जिसे ‘आय और लाभ’ का घर कहा जाता है। यह आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है।
- आय में जबरदस्त उछाल: आपकी आमदनी में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होगी। आय के एक नहीं, बल्कि कई नए रास्ते खुलेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी।
- करियर में सफलता: जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें बेहतरीन अवसर मिलेंगे। प्रमोशन और वेतन वृद्धि के प्रबल योग बन रहे हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को बड़ी डील मिल सकती है, जो उन्हें मुनाफा दिलाएगी।
- निवेश से लाभ: अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए स्वर्णिम है। पुराने निवेश से भी मोटा मुनाफा मिलने की संभावना है। शेयर बाजार, सट्टा और लॉटरी जैसी जोखिम भरी जगहों से भी अचानक धन लाभ हो सकता है।
मिथुन राशि (Mithun Zodiac)
मिथुन राशि के जातकों के लिए धन के देवता कुबेर स्वयं अपने द्वार खोलने वाले हैं। गुरु बृहस्पति आपकी गोचर कुंडली के दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जो ‘धन और वाणी’ का स्थान है। इस गोचर का प्रभाव आपके जीवन के हर पहलू पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।
- आकस्मिक धन लाभ: आपको अचानक कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है या पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। आपकी वाणी में ऐसी मिठास और आकर्षण आएगा कि आप अपने शब्दों से ही अपने काम बना लेंगे।
- परिवार में खुशहाली: परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। जीवनसाथी के साथ रिश्ते और भी मधुर होंगे। आप कोई नया वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना बना सकते हैं, जो सफल होगी।
- अटके हुए काम होंगे पूरे: जो काम सालों से किसी न किसी वजह से रुके हुए थे, वे अब देवगुरु की कृपा से अपने आप पूरे होने लगेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
तुला राशि (Libra Zodiac)
तुला राशि वालों, करियर के आसमान में ऊंची उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाइए। केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण आपकी राशि से दसवें भाव में हो रहा है, जिसे ‘कर्म’ यानी करियर और प्रोफेशन का घर माना जाता है। यह समय आपके पेशेवर जीवन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
- नौकरी और व्यापार में तरक्की: बेरोजगार लोगों को मनचाही नौकरी मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है या कार्यस्थल पर कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे आपका रुतबा बढ़ेगा।
- नई पहचान और सम्मान: आपके काम की सराहना होगी और समाज में आपकी एक नई पहचान बनेगी। कामकाज में आ रही सारी बाधाएं दूर होंगी और आपको अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा।
- धन लाभ के योग: व्यापारियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी है। आप कोई नई बिजनेस डील फाइनल कर सकते हैं, जिससे आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ होगा। धन का प्रवाह इतना अच्छा रहेगा कि आप अपनी सभी इच्छाएं पूरी कर पाएंगे।

संक्षेप में कहें तो, बृहस्पति का यह महागोचर इन तीन राशियों के लिए भाग्य का पिटारा खोलने जा रहा है। हालांकि, याद रखें कि ग्रह अपनी कृपा बरसाते हैं, लेकिन कर्म करना हमारे हाथ में होता है। इसलिए, इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए मेहनत और प्रयास करते रहें।
