Grok AI generated obscene images ने मचाई हलचल — Elon Musk का Grok क्यों नहीं सुधर रहा? समाधान क्या हैं?

Elon Musk के Grok AI ने फिर एक बार विवादों में खुद को घिरा हुआ पाया है क्योंकि एक नई शोध रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस AI इमेज जनरेशन टूल ने 11 दिनों में लगभग 30 लाख अश्लील तस्वीरें बनाई।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इन तस्वीरों में लगभग 23,000 ऐसी तस्वीरें भी शामिल हैं जिनमें बच्चों को दिखाया गया है, जो न केवल नैतिक रूप से सही है बल्कि कई देशों के कानूनों के तहत अवैध भी माना जाता है।
Grok AI, जो X (पहले Twitter) नेटवर्क पर उपलब्ध है, यूज़र्स को टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के माध्यम से इमेज जनरेट और एडिट करने की सुविधा देता है। लेकिन सुरक्षा उपायों की कमज़ोरी को भुनाकर काफी बड़ी संख्या में अश्लील कंटेंट बनाया गया।
रिसर्च के अनुसार, यह ट्रेंड 29 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक देखा गया और उसी दौरान इसकी लोकप्रियता ने 2 जनवरी को लगभग 1,99,612 रिक्वेस्ट्स के साथ चरम तक पहुंच बनाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे AI टूल्स को सरल टेक्स्ट कमांड देकर किसी भी व्यक्ति की तस्वीर को बिना अनुमति के बदलना या हटाना संभव होना ही समस्या का मूल कारण है।
हालांकि Grok के डेवलपर्स और X ने बाद में यह घोषणा की कि अश्लील इमेज जनरेशन विशेषताएं पेड यूज़र्स तक सीमित कर दी जाएंगी और कुछ सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, लेकिन आलोचक इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।

कई देशों ने भी इस टूल पर प्रतिबंध या ब्लॉक लगाने का फैसला किया है। भारत, UK और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों ने AI द्वारा उत्पन्न अश्लील या अवैध सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस स्थिति को “घिनौना” और “शर्मनाक” बताया और कानून के तहत कार्रवाई की बात कही। इसके अलावा कई साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और AI नीति निर्माताओं का मानना है कि AI सिस्टम में पहले से ही मजबूत सुरक्षित ढांचे और नैतिक दिशानिर्देशों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार का दुरुपयोग रोका जा सके।
अब सवाल यह है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जाए? विशेषज्ञों के अनुसार इसके लिए:
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AI मॉडलों में बेहतर सुरक्षा और मॉडरेशन टूल्स का निर्माण किया जाना चाहिए।
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डेटा और कंटेंट को फिल्टर करने के लिए अधिक कठोर नियम और टेस्टिंग लागू होनी चाहिए।
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कानूनी ढांचे में AI सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इन सुधारों के बिना ऐसे टूल्स किसी भी समय फिर से दुरुपयोग के शिकार हो सकते हैं।

आगे क्या होगा?
देखिए, AI technology बहुत पावरफुल है और इसके बहुत सारे अच्छे uses भी हैं। लेकिन जब ऐसे टूल्स गलत हाथों में चले जाते हैं या फिर कंपनियां जिम्मेदारी से काम नहीं करतीं तो नतीजे खतरनाक होते हैं।
अब जरूरत है कि सरकारें और टेक कंपनियां मिलकर ऐसे strict guidelines बनाएं जिससे AI का misuse न हो सके। सिर्फ पेड फीचर बनाने से काम नहीं चलेगा, proper content moderation और ethical AI development जरूरी है।
हम उम्मीद करते हैं कि Elon Musk और उनकी टीम इस मामले को गंभीरता से लेंगे और आगे से ऐसी गलतियां न हों। वरना टेक्नोलॉजी जो इंसानियत की मदद के लिए बनी थी, वो उसके लिए खतरा बन जाएगी।
Well, it seems Grok goes wild today
This is the most sfw image I got, even the video is 🥵 pic.twitter.com/8gd38mxwIH— Eva (@Evacosplayer) January 19, 2026
Disclaimer:
यह आर्टिकल विभिन्न न्यूज़ सोर्सेज और CCDH की रिपोर्ट पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। हम किसी भी अश्लील या अवैध कंटेंट को प्रमोट नहीं करते। पाठकों से अनुरोध है कि वे AI टूल्स का जिम्मेदारी से उपयोग करें।
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