OTT पर दस्तक दे रही 2 घंटे 1 मिनट की सुपर‑हॉरर ‘Dies Irae’: सस्पेंस ऐसा कि हिल जाएंगे दिमाग के पेंच!

अब अगर आप रोमांस और कॉमेडी से ब्रेक लेकर एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो सच में नसों में ठंडक दौड़ा दे, तो तैयार रहिए। मलयालम हॉरर‑थ्रिलर ‘डिएस इराए (Dies Irae)’ ओटीटी पर आ रही है—और ये वही फिल्म है जिसने थियेटर्स में भी धमाल मचा दिया था। रनटाइम है 2 घंटे 1 मिनट, यानी टाइट, कसी हुई कहानी और बिना फालतू खिंचाव के शुद्ध सस्पेंस।
कब और कहां देख सकेंगे?
मेकर्स के ऐलान के मुताबिक ‘Dies Irae’ 5 दिसंबर से Jio Hotstar पर स्ट्रीम होगी। सिनेमाघरों में इसे 30 अक्टूबर को रिलीज किया गया था और तब से ही इसके थ्रिल, क्राफ्ट और क्लाइमेक्स की खूब चर्चा है। IMDb पर इसे 7.3 की मजबूत रेटिंग मिली है—यानी क्रिटिक्स और ऑडियंस, दोनों ने इसे पास कर दिया है।
कहानी क्या है :
कहानी प्रणव मोहनलाल के किरदार के इर्द‑गिर्द घूमती है, जो एक आलीशान घर में अकेला रहता है। एक दिन उसे खबर मिलती है कि उसकी क्लासमेट ‘कानी’ ने सुसाइड कर लिया। वह परिवार से मिलने जाता है और याद के तौर पर कानी की लाल हेयर क्लिप लेकर लौट आता है। इसके बाद उसके घर में अजीब घटनाएं शुरू होती हैं—अदृश्य कदम, रात की सरसराहट, अनदेखी परछाइयां। उसे यकीन होने लगता है कि घर में “कोई” है—शायद कानी की आत्मा। लेकिन जैसे‑जैसे परतें खुलती हैं, सामने आती है वो सच्चाई जो उसका—and आपका—दिमाग हिला देगी। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी जीत है: जो आप सोचते हैं, कहानी वैसी नहीं है।

बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका
‘Dies Irae’ को 30 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यह फिल्म एक सुपरहिट साबित हुई। बताया जाता है कि इस फिल्म को बनाने में करीब 24 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन रिलीज़ के एक महीने के अंदर ही फिल्म ने भारत में 41 करोड़ रुपये से ज्यादा और वर्ल्डवाइड करीब 82 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया।
कम बजट की हॉरर फिल्म के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
डायरेक्टर राहुल सदाशिवन की यह फिल्म उस साल की टॉप कमाई करने वाली मलयालम फिल्मों में शामिल हुई। थिएटर में इसे देख चुके दर्शकों और क्रिटिक्स ने इसकी कहानी, बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमेटोग्राफी की खूब तारीफ की है।
किसने बनाई है और क्यों खास है:
निर्देशक राहुल सदाशिवन हॉरर की भाषा समझते हैं—जंप‑स्केयर्स के बजाय धीरे‑धीरे चढ़ती दहशत, साउंड डिजाइन से डर की लेयरिंग, और ऐसा विजुअल ट्रीटमेंट जो एक सीन बाद तक मन में अटका रहे। ‘Dies Irae’ भी उसी स्कूल की फिल्म है—एटमॉस्फेयर‑हॉरर जो आपको सीट से चिपकाए रखे। प्रणव मोहनलाल का सटल परफॉर्मेंस फिल्म का एंकर है—चेहरे पर डर का हल्का‑हल्का असर, आंखों में बेचैनी, और वही अकेलेपन की चुभन—सब कुछ ऑथेंटिक लगता है।
क्यों देखें ‘डिएस इराए’:
- 2 घंटे 1 मिनट का क्रिस्प नैरेटिव—बिना बोरियत, लगातार थ्रिल।
- IMDb 7.3—क्रिटिक्स व ऑडियंस, दोनों से थम्ब्स‑अप।
- थियेट्रिकल हिट—स्टोरीटेलिंग और क्राफ्ट पर जनता की मुहर।
- स्पॉइलर‑प्रूफ ट्विस्ट—एंड तक पकड़े रखता है, और एंड के बाद भी दिमाग में घूमता है।
ओटीटी रिलीज के साथ क्या उम्मीद करें:
- मूल भाषा मलयालम है; सबटाइटल्स के साथ देखना बेहतर रहेगा (डब उपलब्ध हो तो भी सबटाइटल्स ऑन रखिए—न्यूअंस मिस नहीं होंगे)।
- हेडफोन में देखें—साउंड डिजाइन फिल्म की जान है।
- रात को, लाइट्स ऑफ मोड में देखें—डर का असर दोगुना होगा।
- फैमिली‑सेफ? नहीं खास—हॉरर और इंटेंस थीम्स हैं, बच्चों के लिए नहीं।

वर्डिक्ट (नो‑नॉनसेंस):
अगर आप हॉरर के सीरियस फैन हैं, ‘Dies Irae’ मिस मत कीजिए। ये वो फिल्म है जहां डर सिर्फ दिखाई नहीं देता, महसूस होता है—और क्लाइमेक्स तक आते‑आते आपके सारे अनुमान बेकार हो जाते हैं। थियेटर्स में जिसने लोगों को पकड़ कर रखा, वही पकड़ अब ओटीटी पर भी दिखने वाली है। पॉपकॉर्न तैयार रखिए—और हिम्मत भी।
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